जैसा उसका नाम था, वैसी ही वह थी। वह अपना कार्य बहुत मेहनत से सिद्ध करती थी। जैसा उसका नाम था, वैसी ही वह थी। वह अपना कार्य बहुत मेहनत से सिद्ध करती थी।
पूरी बस उस किले वाले कमरे में बदल गई और अब सिर्फ शोर था और चीखें थी। पूरी बस उस किले वाले कमरे में बदल गई और अब सिर्फ शोर था और चीखें थी।
स्नेहा को अपने जन्मदिन पर मिली एक अनोखी गुड़िया! देखिये उस गुड़िया ने क्या किया स्नेहा को अपने जन्मदिन पर मिली एक अनोखी गुड़िया! देखिये उस गुड़िया ने क्या किया
स्नेहा ने देखा कि गुड़िया किसी अज्ञात शक्ति से चल रही थी, अब आगे पढ़िए स्नेहा ने देखा कि गुड़िया किसी अज्ञात शक्ति से चल रही थी, अब आगे पढ़िए
स्नेहा ने गुड़िया को सड़क पर फेंक कर ट्रक तले कुचलवा दिया लेकिन वह रात को फिर उसके बिस्तर में किर्र कि... स्नेहा ने गुड़िया को सड़क पर फेंक कर ट्रक तले कुचलवा दिया लेकिन वह रात को फिर उसके...
स्नेहा सोच रही थी कि उसने भयानक गुड़िया का सपना देखा है लेकिन फिर उसने पाया कि गुड़िया कोई सपना नहीं थ... स्नेहा सोच रही थी कि उसने भयानक गुड़िया का सपना देखा है लेकिन फिर उसने पाया कि गु...